पहला पन्ना
मैं एक लड़का हूं
मैं एक लड़का हूं और मेरी उम्र 24 साल है
5 साल की उम्र में पहली बार गिरा मम्मी भागती हुई आई और उठाते हुए कहा कि धत्त लड़के रोते थोड़ी है
7 की उम्र में पापा के कंधे पर चढके ज़िद करने लगा कि मुझे वो खिलौना चाहिए उनके मना करने पर जोर जोर से रोने लगा तो पापा ने कहा धत्त लड़के रोते थोड़ी है
एक बार भाई से साइकिल के लिए झगड़ा हुआ मैंने गुस्से में उसकी साइकिल का ब्रेक तोड़ दिया और उसने मुझे धक्का दे दिया मैं जोर जोर से रोने लगा तो दादाजी आकर बोले धत लड़के रोते थोड़ी है
11 साल की उम्र में बहन से रिमोट को लेकर झगड़ा हुआ उसने रिमोट छीनकर मुझे धक्का दे दिया सर फर्श पर लगा और आंखों में आसूं तो दादी ने कहा धत्त लड़के रोते थोड़ी है
15 का हुआ तो दोस्त से झगड़ा हुआ मैंने उसको चाटा मारा उसने मुझे ईंट मारी तो खून निकलने लगा और फिर आंखों में आसूं फिर दोस्तों ने कहा धत्त लड़के रोते थोड़ी है
16 साल की उम्र में मुझे पहली बार एक लड़की से प्यार हुआ 19 तक उसे अपना बनाने की कोशिश की 20 में वो बनी 21 में छोड़कर चलीं गईं किसी और के लिए काफी कम उम्र में ही बहुत कुछ सिखा देता है प्यार, और प्यार वो एहसास है जो हमें इंसान बना देता है रोने की कोशिश की तो लोगों ने कहा धत्त लड़के रोते थोड़ी है
मतलब क्यूं ? क्यूं नहीं रोते लड़के ? क्या उनमें कोई इमोशन्स नहीं होते ? या उनके इमोशन्स की कोई कद्र नहीं होती क्यूं बचपन से एक ही चीज सिखाई जाती है कि लड़के रोते नहीं है क्यूं उन्हें इमोशनली इतना स्ट्रोंग बनाया जाता है कि लड़के रोने लगे तो मज़ाक और रुला दे तो बुजदिल
क्यूं हर बार ये एक्सपेक्ट किया जाता है कि वो आपको समझें ? लड़कों को कौन समझेगा? उनकी बातें उनकी थोटस उनकी फिलिंग्स उनके ड्रीम्स कौन समझेगा ये सब ?
पैदा होते ही पैरेंट्स फ्यूचर डिसाइड कर लेते हैं मेरा बेटा इंजीनियर बनेगा मेरा बेटा डॉक्टर बनेगा अरे भई पैदा हुआ है वो अभी
फिर पूरी फैमिली की जिम्मेदारी , मम्मी पापा को भी खुश रखना है , बीवी बच्चों को भी खुश रखना है लेकिन उनकी खुशी , उनकी खुशी का क्या? बस दीमाग में बिठा दिया जाता है कि अपनी खुशी खुद ढूंढो भई हमारे भरोसे मत रहो
मैं किसी को ब्लेम नहीं कर रहा मैं तो बस उस दर्द को बयां करने की कोशिश कर रहा हूं जो बचपन से रोने की इज्जत ना मिलने पर मन में भर गया है
यार कभी हमारी जिम्मेदारियां भी समझो कभी हमारे दर्द को भी समझो आज़ हम सब की इज्जत करते हैं लेकिन हमारी इज्जत करने वाला यहां कोई नहीं है यार लड़कों को भी रोना आता है बस अब और कुछ नहीं कहना।
