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प्यार का एहसास
किसी बात की खुशी होने पर भागकर गले लगाकर खुशी का इज़हार करना, ऐसा करने पर क्या आपके दिल की धड़कन जोरों से धड़कने लगती होगी।
अपने प्यार से मिलने के सौ बहाने ढूंढना, अगर वो किसी दूसरी क्लास में है तो रात को ये दुआ मांगना कि काश सुबह उसका रोशन सा चेहरा दिख जाए तो पूरा दिन बन जाएगा।
प्यार का इज़हार करने के बाद घंटों तक एक-दूसरे को निहारते रहना और उसके बाद भी मन का ना भरना। आंखों के सामने से चेहरा हटने पर बेचैन हो जाना। जब भी मिले आपको देखकर मुस्कुराए और उसके ऐसा करने पर भी आपकी हंसी छूट जाए।
कुछ ऐसा होता है प्यार का एहसास जिसमें बस आप डूबते चले जाते हैं। ऐसी खुशी वैसे ज्यादातर पहले प्यार में ज्यादा होती है जहां सब कुछ अपना सा लगने लगता है और आपको हर चीज़ खूबसूरत नज़र आती है।
अकसर लोग पहले प्यार में इतने दीवाने हो जाते हैं कि घंटों एक-दूसरे को निहारना या फोन पर बात करते रहते हैं। प्यार का ये एहसास स्कूल या कॉलेज टाइम पर होता है क्योंकि नौकरी की उम्र आते-आते तो हम काफी मैच्योर हो चुके होते हैं और तब तक ये सब बातें बचकानी लगती हैं लेकिन नादान उम्र में इन सब चीज़ों को सोचकर ही मन खुश हो जाता है। ऑफिस में होने वाला प्यार भी उम्र के साथ थोड़ा मैच्योर हो जाता है।
