Welcome To


जिन्दगी एक डायरी

फीलिंग्स

फीलिंग्स को लेकर कई तरह की बातें तो आपने जरूर सुनी होगी। अरे फिल्मों में नहीं, असल जिंदगी में भी feelings भले ही असर न डालती हों, लेकिन feelings से भरे शब्द जरूर असर डालते हैं। फट्ट से चिपक जाते हैं...इंसान के दिमाग पर। सुना तो होगा ही आपने कहीं न कहीं।
इस चीज से मेरी feelings जुड़ी है feelings की कोई कीमत नहीं है क्या... feelings नाम की भी कोई चीज होती है....तुम्हारे अंदर जरा भी feelings नहीं है.....मेरी feelings तुमसे जुड़ गई हैं.....तुम मेरी feelings नहीं समझते.... feelings की तो कोई value ही नहीं...हर इंसान में feelings होती हैं... Feelings की तो कोई क़दर ही नहीं है।

सारा का सारा खेल feelings पर आकर अटक जाता है। कभी बचपन की गलियों से feelings जुड़ी होती है, तो कभी स्कूल के डांटने और मारने वाले वाले teachers से। कभी नालायक और कमीने दोस्तों के ग्रुप के लिए feelings उभर आती हैं तो कभी कॉलेज की यादों से feelings जुड़ी होती है।

कभी साथ रहने वाले लंगोटिये दोस्त से feelings जुड़ी होती है। कभी कभी लड़कें लड़कियों से feelings जुड़ जाती है और कभी तो किसी एक लड़के/लड़की से इतनी feelings जुड़ जाती है कि उसके बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता। करियर दांव पर भी हो तो feelings कम नहीं होती। 

इन सबके बाद जिंदगी में शादी-वादी, बीवी बच्चे और पति-पत्नी के रिश्ते तो अपने साथ feelings का lifetime stock लेकर आते हैं। ये बात अलग है, कि सभी को लगता है, कोई हमारे लिए feel नहीं करता। 

इन सब से थोड़ा बाहर निकलें तो पड़ोसी, मोहल्ला, शहर, क्षेत्र, गांव, देश भाषा के अलावा ....इसके हाथ का बना खाना, उसके हाथ की चाय....ये मौसम और वो कपड़े....। यहां तक कि टीवी पर आने वाले सीरियल की रोती हुई लड़की या फिर लड़के के लिए जान दांव पर लगा देने वाले हीरो के चेहरे की मासूमियत...हाय, उससे तक feelings जुड़ जाती है। समझ नहीं आता कि इतनी सारी feelings आती कहां से है, और जाती कहां है।

अरे, अरे अभी पहला गुलाब और शेरों शायरी की वो पंक्तियां तो बाकी ही रह गईं, जिससे पहले प्यार का इकरार हुआ था। और वो तोहफा जो आपको पहली बार मिला था.....। और हां, वो क्लास का लास्ट बैैंच जहां बैठकर हम ढेरों बातें किया करते थे। हे भगवान, लंबी लिस्ट है, feelings के बाजार में छोटी-छोटी चीजों की। वो भी तब, जब लोग न तो feel करते हैं और ना ही feelings जताते हैं, ना ही समझते हैं। 

लेकिन एक बात तो सच है feelings दिखाई दें या ना दें, समझ आएं या ना आएं, क़दर हो या ना हो इसकी market में डिमांड बहुत है।।