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जिन्दगी एक डायरी

स्कूल वाला क्रश-3

वक्त ना कभी रुका है ना कभी किसी के लिए रुकेगा ! 

सच तो यह है कि हर इंसान को वक्त के साथ ही अपनी जिंदगी में आगे चलना होता है|  पर वक्त की एक सच्चाई यह भी है की वह  बदलता है और जब वक्त बदलता है ,  तो कई नए बदलाव वह अपने साथ लाता है |  जब वक्त बदलता है ,  कई जिंदगियां बदल जाती है,ll

रोहित की जिंदगी में भी कुछ ऐसा ही हुआ  10 सालों की कड़ी मेहनत से आज वह इस मुकाम पर है  जहां से दुनिया बहुत छोटी दिखने लगती है |  2 साल कोटा में  पढ़ाई करने के बाद iit बॉम्बे  से engineerring करके रोहित अमेरिका की एक बहुत बड़ी  कंपनी में 6 साल से एक बहुत बड़े पद पर पदस्थ है |  पर आज भी अपना पहला प्यार सलोनी को भुलाने में असमर्थ है | रोहित की जिंदगी में सलोनी की कमी आज भी उसे खलती है |  सब कुछ पा कर भी वो तनहाइयो से घिरा है | 

सुबह के 10:00 बजे हैं रोहित ऑफिस जाने के लिए तैयार है | 

रोहित हाल में लगी अपने माता पिता की तस्वीर को प्रणाम करता है और  पर्स  निकाल कर सलोनी की तस्वीर देखता है |
अचानक डोरबेल  बजती है,  रोहित पर्स  को वही रखकर गेट खोलने चला जाता है |  रोहित गेट खोलता है और सामने अपने ऑफिस का कलीग और  दोस्त  रणवीर को खड़ा पाता है |

रणवीर :  अब अंदर आने के लिए बोलेगा या यहीं से ऑफिस चले
रोहित :: sorry sorry, plesase come in

रणवीर और रोहित दोनों घर में अंदर आते हैं |

रणवीर::  अब यह भी बता दे बैठना कहां है ,  चेयर पर टावेल है, सोफे पर ब्लैंकेट पड़ा है,  लगता है पूरी रात तू यही सोया है |  क्या हालत हो रही है घर की,  मेरे दोस्त अब तुझे शादी कर लेना चाहिए |
ये बता breakfast किया,  नहीं किया इसलिए तेरी भाभी ने breakfast  और ये लड्डू दिए है | कम से कम उसका एकलौता मुंहबोला देवर आज के दिन तो भूका ऑफिस न जाये |

रोहित, रणवीर की बात सुन के सोच में पड़  जाता है !!!

रोहित :: oooo....तेरी रणवीर को गले लगते हुए भाई sorry sorry

रणवीर :: आरे सॉरी को  छोड़ भाई को विश नहीं करेगा

रोहित :: मेनी मेनी हैप्पी रिटर्ंस ऑफ द डे, भगवान जोड़ी बनाए रखें,  तुझे हर जन्म में प्रिया जेसी ही वाइफ मिले

रणवीर :: thank u so much मेरे भाई,  और प्रिया जैसी क्या मुझे हर जन्म में प्रिया ही चाहिए !

रोहित::  हां मेरे भाई हर जन्म में तुझे प्रिया ही मिले |  बेचारी हर जन्म में तुझे ही झेले !!!

दोनों एक दूसरे की तरफ देखते है और जोरो से हस्ते हुए फिर गले मिल जाते है 

रोहित :: अब यह बता पार्टी का क्या है ?

रणवीर::   आज ऑफिस से घर साथ में ही चलते है,  में प्रिया को फ़ोन के देता हूँ,  बोल क्या खायेगा |

रोहित :: ठीक है, पर फ़ोन में कर देता हूँ  भाभी को wish भी कर दूंगा |

रोहित प्रिया को फोन लगाकर बात करने लगता है |  रणवीर का ध्यान वही सोफे पर रखे पर्स पर जाता है | वह पर्स में रखी सलोनी की ब्लैक एंड वाइट फोटो देखता है, उसके दिमाग मे जिज्ञासा के बीजो का अंकुरण होना प्रारम्भ हो 
जाता है | पर वह रोहित से इस बारे में कुछ बात नहीं करता और सही समय आने का इंतजार करता है | रोहित की प्रिया  से बात पूरी होती है और दोनों ऑफिस के लिए निकल जाते है | शाम होते ही दोनों साथ में ही ऑफिस से घर के लिए निकलते है | घर पर प्रिया दोनों का इंतजार कर रही होती है ,  वह दोनों को देखकर खुश हो जाती है | 
रोहित :: once again many many happy returns of the day to both of you. 

रणवीर और प्रिया दोनों रोहित का एक साथ सुक्रिया करते है |

प्रिया :: आप दोनों रिफ्रेश हो जाओ,  में तुम लोगो के लिए चाय बनती हूँ, बोलते हुए वह किचन में चली जाती है | 

कुछ देर बाद दोनों लिविंग रूम में आते है उन्हें देखते ही प्रिया भी चाय और स्नैक्स लेकर आ जाति है | 

रणवीर के मन में मचा कोतुहल शांत होने का नाम नहीं ले रहा था | उसे बार बार वही तस्वीर वाली लड़की  याद आ रही थी |

रणवीर ::  रोहित तूने अपनी मेहनत से वह सब कुछ हासिल कर लिया है जो तू चाहता था पर आब तुझे अपना घर बसा लेना चाहिए |  कब तक ऐसे अकेला रहेगा | देख मुझे मैं प्रिया के साथ कितना खुश रहता हूं | 

रोहित ::  देखा भाभी फिर शुरू हो गया ये | 

प्रिया::  रणवीर कुछ गलत नहीं कह रहे हैं रोहित,  अब तुम्हें सच  में अपने बारे में सोचना चाहिए | 

रोहित ::  भाभी आज आप भी  रणवीर की साइड ले रहे हो,  this is not fair. तुम दो और में अकेला !

प्रिया ::  इसीलिए तो कह रही हूं शादी कर लो,  तुम्हारी साइड लेने वाली भी आ जाएगी | 

रणबीर समझ जाता है रोहित ऐसे कुछ भी बताने वाला नहीं है,   वह फ्रिड्ज से दो chilled bear निकलता है | 

रणवीर ::  प्रिया तुम डिनर रेडी करो हम दोनों अभी आते हैं |

प्रिया :: ठीक है डिनर थोड़ी देर में तैयार हो जायेगा, आप लोग ज्यादा देर मत लगाना |

रणवीर और रोहित दोनों घर के बहार बने छोटे से गार्डन में लगी चेयर्स पर बेठ कर बेयर पिने लगते है | 

रणवीर :: प्रिया  के आने के बाद मेरी जिंदगी खुसियो से भर गयी है, माँ के जाने के बाद तो जैसे जिंदगी बिखर सी गयी थी उसी समय प्रिया ने सब कुछ बहुत अछे से सम्हाल लिया | 
तुझे भी अपने बारे में सोचना चाहिए,  यु अकेला कब तक रहेगा या तुझे कोई पहले से ही पसंद तो नहीं जिसकी राह तू आज भी देख रहा है !!!

रोहित :: राह उसकी देखि जाती है मेरे दोस्त जिसके आने आने की थोड़ी भी उम्मीद हो और मुझे तो उससे कभी ना मिल पाने का पूरा विश्वास है,  कोई नहीं है मेरी जिंदगी में.... 

बोलते हुए रोहित रुक जाता है 

रणवीर:: कोन है वो,  तू किसकी बात कर रहा है !!!!

रोहित उसे सलोनी के बारे में सबकुछ बता देता है,  प्रिया न जाने कब आ जाती है दोनों को पता नहीं चलता पर रोहित की पूरी बात वो सुन लेती है | प्रिया अपने आंसू नहीं रोक  पाती है वो नम आँखों से रणवीर को खाने के लिए आवाज लगाती है 
रोहित की कहानी रणवीर को भी विचलित कर देती है,  वो भी किसी गहरी सोच में डूबा सा प्रतीत होता है 
प्रिया अपने आंसू पोछते हुए रणवीर को फिर से आवाज देती है | 
रणवीर उसे है में जवाब देता है,  सभी खाना  खाते है उसके बाद रोहित अपने घर के लिए निकल जाता है | 

अगले दिन जब रणवीर रोहित के घर ऑफिस जाने के लिए पहुंचता है तो से दरवाजे पर एक लिफाफा और एक लेटर मिलता है |  लिफाफे में रोहित का रेजिग्नेशन लेटर है और दूसरे लेटर में बैक टू होम इंडिया लिखा है |