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जिन्दगी एक डायरी

स्कूल वाला क्रश-1

सुबह के 9 बज रहे है और मिस रुही कक्षा 11वी में अपनी केमिस्ट्री की क्लास ले रही है | 

रोहित जो की कक्षा का एक होनहार छात्र है वह सबसे आगे वाली बेन्च पर अपने बेस्ट फ्रेंड अमन के साथ बैठा है| 

आज़ न जाने क्यूँ रोहित का पढ़ाई में बिल्कुल मन नहीं लग रहा है | रोहित की नजरें कक्षा में किसी को ढूंढ रही है वह कभी दाएं कभी बाएं तो कभी पीछे मुड़कर देखा रहा है |  बार-बार पीछे मुड़कर देखने की वजह से तो वह  इससे पहले वाली मेथ्स की क्लास में शर्मा सर से डांट भी खा चुका है | 

*** रोहित सभी टीचर्स का चाहेता है और हो भी न क्यों  लंबी कद काठी, भोली सूरत ये शारीरिक गुण तो है ही उसमे, पर बुद्धि तो जैसे  देवताओं ने उसे वरदान में दी हो | वह हमेशा अपनी कक्षा के सभी सेक्सन में फर्स्ट ही आता है  |  उसके पास  सबको अपनी बातों में मोह लेने की असीम ताकत है  |

*** अमन फुसफुसाते हुए :: क्या हुआ रोहित आज़ तू इतना   बेचैन क्यों है !!

रोहित :: देख ना यार , आज़  सलोनी स्कूल नहीं आई, रजनी अकेली ही बैठी है | पता नहीं क्या हुआ जो  आज वह स्कूल नहीं आई  |

अमन :: तू रुक में पता करता हूँ |

** सलोनी ने स्कूल में इसी साल एडमिशन लिया है इससे पहले 10वी तक  की पढ़ाई उसने गांव से ही की है | उसने गांव से ही  पढ़कर जिले में रेंक भी लगायी थी | वह बायोलॉजी की स्टूडेंट है और डॉक्टर बन कर बहुत नाम कमाना चाहती है | वह एक  महत्वाकांक्षी लड़की है |  

सलोनी दिखने में बहुत ज्यादा भी सुंदर नहीं है परंतु उसकी सादगी ही सब को अपनी ओर आकर्षित कर लेने के  लिए पर्याप्त थी |  इसी सादगी पर  रोहित मर मिटा था | 

** अमन कागज में " सलोनी क्यों नहीं आई " लिखकर उसे रजनी की तरफ फेकता है | पर वह पर्ची गलती से मीना  के पास चली जाती है |
अमन को पता था की अब तो बुरे फँसे मीना ये मौका हाथ से जाने नहीं देगी 
रोहित, अमन ओर रजनी बहुत अच्छे और पुराने दोस्त है |  मीना को हमेशा इनकी दोस्ती से जलन  होती रहती है | 

मीना वो पर्ची लेकर मिस रूही के पास जाती है | वह मिस रूही से कुछ बोलती है फिर रोहित और अमन की तरफ इशारा करती है | अमन का दिल जोरो से धड़कने लगता है | 

मिस रूही वो कागज की पर्ची हाथ में लिये, अमन और रोहित को साथ में लेकर कॉरीडोर से होते हुए प्रिंसिपल रूम में ले जाती है | 

अमन रास्ते में मिस रूही से बहुत रिक्वेस्ट करता है " सॉरी मिस, सॉरी प्लीज इस बार माफ कर दीजिए अब ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी "

मिस रूही चाहती तो उन्हें माफ कर सकती थी लेकिन उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे उनके दो होनहार स्टूडेंट गलत रास्ते पर जा रहे हैं इसलिए वह उनकी बात सुने बिना प्रिंसिपल रूम  के सामने लाकर उन्हें खड़ा कर देती है | वह अकेले ही प्रिंसिपल रूम में जाती है और उन्हें सारा वृत्तांत सुनाती है |

थोड़ी देर बाद प्रिंसिपल रूम से एक चपरासी बाहर  आता है और वह अमन और रोहित को अंदर प्रिंसिपल रूम में जाने के लिए कहता है

अमन और रोहित प्रिंसिपल सर से अंदर आने की  परमिशन लेकर अंदर आते हैं

***प्रिंसिपल सर ::  तुम दोनों ने  क्लास का अनुशासन तोड़ा है | वैसे तो तुम्हें 15 दिन के लिए  निलंबित कर देना चाहिए, पर तुम दोनो स्कूल के होनहार छात्र हो  इसलिए तो मैं  सिर्फ वार्निंग देकर छोड़ रहा हूं |

प्रिंसिपल सर दोनों को एक-एक पेपर देते हैं जिस पर घटना का पूरा वृतांत लिखा हुआ है और यह भी लिखा है कि आगे से ऐसी कोई घटना होने पर स्कूल से निष्कासित भी किया जा सकता है

प्रिंसिपल सर ::  आप  दोनों इन पर  अपने पेरेंट्स के साइन करवा कर मिस रूबी के पास जमा करेंगे 

अमन और रोहित  दोनों प्रिंसिपल रूम से बाहर निकलते हैं

अमन मन ही मन थोड़ी बुदबुदाहट के साथ ::  अब क्या होगा !!!
पापा मारेंगे...... 
नहीं नहीं मार ही डालेंगे...... 

लेकिन रोहित उसके मन में तो कुछ और ही चल रहा था |  वह तो अभी भी इसी कशमकश में डूबा हुआ था कि सलोनी आज स्कूल क्यों नहीं आई | 

दोनों बिना कुछ बात किए हुए कॉरीडोर में चलते हुए कक्षा के पास पहुंचते हैं |  कक्षा में  मिस नगमा हिंदी पढ़ा रही है |  जैसे ही  दोनों अंदर आने की आज्ञा लेते हैं लंच की घंटी बज जाती है

मिस नगमा :: आइए आइए पधारिए
कटाक्ष करते हुए खुद  कक्षा से बाहर चली जाती है

रोहित और अमन अपनी बेंच पर जाकर बैठते हैं और बेग से अपना लंच बॉक्स निकालते हैं | 

दोनों को ऐसा लगता है कि सामने खड़ा कोई उन्हें घूर रहा है |  रोहित और अमन अपना सर उठाकर सामने देखते है तो लगता है जैसे सामने रजनी नहीं स्वयं चंडी खड़ी है जो अपने नेत्रों से निकलने वाली अग्नि से दोनों को भस्म कर देगी |  
रजनी बिना कुछ कहे क्लास से बाहर ग्राउंड की तरफ बढ़ती है | रोहित और अमन भी रजनी के पीछे पीछे लंच बॉक्स हाथ में लिए ग्राउंड में आ जाते हैं | 

तीनों ग्राउंड में लगी हरी घास पर बैठकर  लंच करते है | 

अमन अचानक से थोड़ा घबराहट के साथ ::  रोहित जानना चाहता था की  सलोनी आज स्कूल क्यों नहीं आई |

रजनी अमन को हाथ के इशारे से चुप कराते हुए :: जानती हूं और मैं ही नहीं पूरी क्लास जानती है |  तुझे क्या लगता है वह  चुड़ैल चुप बैठेगी,  किसी को नहीं बताएगी 

अमन ::  हां पर मैं क्या करता | मुझसे रोहित की बेचैनी देखी नहीं गई

रजनी :: लेकिन लंच टाइम तक के लिए तो रुक सकता था ना |  देख तेरी जरा सी गलती ने कितना बड़ा बखेड़ा कर दिया | 

रजनी थोड़ी देर चुप रहने के बाद ::  मुझे नहीं पता सलोनी आज स्कूल क्यों नहीं आई | कल तो कह रही थी एग्जाम आ रहे हैं,  बहुत पढ़ाई करना है और आज स्कूल नहीं आई पता नहीं क्या बात हो गई | 

अमन रजनी को नोटिस के बारे में बताता है...... 
घबराहट और डर अमन के चेहरे से साफ झलक रहा था !!!
रजनी अमन से शांत होने के लिए कहती है |
अब लग रहा था जैसे रजनी का गुस्सा थोड़ा कम हो रहा था | 

पूरे टाइम रोहित चुप ही रहा,  रोहित को देखकर लग रहा था जैसे  रोहित के दिमाग में कोई योजना चल रही हो | उसने  लंच भी थोड़ा बहुत ही खाया और लंच बॉक्स बंद करके अमन के हाथ में दे दिया
अमन क्या हुआ रोहित लंच क्यों नहीं  कर रहा और यह बॉक्स मुझे क्यों दे रहा है
रोहित:: मैं जा रहा हूं
अमन:: कहां
रोहित::सलोनी से मिलने उसके गांव !!!!!!

रजनी बीच में  ही बोल पड़ती है::  रोहित तू बावरा हो गया है क्या |  क्या एक दिन सलोनी स्कूल नहीं आई तो तू उसे मिलने  उसके गांव चला जाएगा

रोहित::  बात एक दिन स्कूल ना आने की नहीं है,  बात कुछ ओर है |  मेरा दिल बार-बार यही कह रहा है की सलोनी जरूर किसी  मुसीबत में है | 

रजनी::  तू क्यों भला ऐसा बुरा सोचता है ऐसा कुछ नहीं है

रोहित ::  कल छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर जब तुम दोनों गोलगप्पे खा रहे थे तब सलोनी और मैं अकेले ही खड़े थे |  सलोनी मेरे किसी जोक पर  हंस रही थी  कि अचानक वहां  सलोनी के बड़े भैया अपनी जीप से वहां जाते हैं | 
सलोनी अपने बड़े भैया को वहां अचानक देखकर काँप उठती है |  मुझे लगता है उन्हें सलोनी का मुझसे यूं हंसकर बात करना  ठीक नहीं लग रहा था |  जरूर कुछ ना कुछ बात है |

रजनी::  अच्छा मान ली तेरी बात, पर तू जानता भी है सलोनी कहां रहती है उसका गांव कौन सा है वह कितनी दूर है यहां से
और तू स्कूल से बाहर कैसे जाएगा

रोहित के पास रजनी के हर प्रश्न का जवाब था और स्कूल से बाहर निकलने की योजना तो पहले ही बना चुका था

रोहित::  सलोनी  यहां से 20 किलोमीटर दूर  पालमपुर  गांव में रहती है और यहां से कैसे निकलना है उसकी पूरी योजना मेरे पास है, बस अमन तुम मेरा बैग अपने साथ ले जाना

अमन ::  रोहित मैं भी तेरे साथ चलूंगा |  एक से भले दो 

रोहित::  अमन एक बार तो मेरी वजह से  तुझे प्रिंसिपल का नोटिस मिल ही गया है और यदि कुछ हुआ तो हमें स्कूल से ही निकाल देंगे तू क्यों मेरे साथ अपना भविष्य बर्बाद कर रहा है

अमन::  देख भाई  नोटिस तो मिल ही गया है और यह बात भी पक्की है की  आज घर पर पिटाई तो होगी फिर क्या फर्क पड़ता है दो थप्पड़ कम या ज्यादा |

यह बात सुनकर तीनों  हँस देते हैं | रोहित अमन को गले लगाता है |

रजनी दोनों के कंधों पर अपने दोनों हाथ रखती है और उनको अलग करते हुए कहती है, "  रोहित तेरी  यहां से निकलने की योजना तो बता "

रोहित ::  अपना जो स्कूल का मेन गार्ड है, वह बहुत ही भावुक है और मां की बात करने पर तो रो ही देता है
हम उसकी इसी बात का फायदा उठाएंगे

अमन ::  ठीक है पर कैसे

रोहित, अमन और रजनी के कानो में  फुसफुसाते  हुए  पूरी योजना सुना देता है 

रजनी ::  पर किसी की भावनाओ और भोलेपन का  इस तरह फायदा उठाना ठीक बात नहीं

अमन रजनी  की बात काटते हुए बीच में ही बोल देता है ::  " एवरीथिंग इज़ फेयर इन लव एंड वॉर "

अब योजना के अनुसार  अमन  गार्ड से  सिर्फ थोड़ी सी दूरी पर  जाकर बैठ जाता है और गार्ड का ध्यान अपनी और खींचने के लिए परेशान होने और रोने की एक्टिंग करता है |  और उसे सफलता भी मिलती है गार्ड पूरी उत्सुकता से अमन की ओर देख रहा है |

अभी योजना अनुसार रोहित आकर पूछता है "  तू यहां बैठा है  मैंने तेरी तलाश में सारा ग्राउंड छान मारा  और तू  रो क्यों रहा है

अमन  आँसू  पोछते हुए ::  आज सुबह से मां की तबीयत ठीक नहीं है पता नहीं बेचारी पूरे घर का काम  कैसे कर रही होगी |

रोहित ::   तो जा,  प्रिंसिपल सर से छुट्टी ले ले और घर जाकर मां की मदद कर | 

रोहित की योजना सफल हो रही थी गार्ड भावुक हो कर अमन और रोहित की बात सुन रहा है

अमन ::  तू नहीं जानता अपने प्रिंसिपल सर कितने खड़ूस है  क्या उन्हें मेरी बात पर विश्वास होगा और वह मुझे छुट्टी देंगे !!!
बोलते हुए अमन रोहित से लिपट जाता है और फूट-फूट कर रोने लगता है

अमन का अपनी मां के प्रति प्रेम देख गार्ड भी रो देता है 
वह उठकर अमन के पास आता है और कहता है ::  प्रिंसिपल करें ना करें मुझे तुम पर पूरा विश्वास है बेटा मैं तुम्हे घर भेजूंगा
और तू घर जाकर पूरे मन से अपनी मां की सेवा करना | 

अभी  घंटी बजने में 5 मिनट बाकी है तुम जाओ चुपचाप से अपना बैग ले आओ | जैसे ही घंटी बजेगी उसके 10 मिनट बाद जब बच्चे और टीचर सभी क्लास में होंगे तब मैं तुम्हें स्कूल के पीछे का गेट खोल कर  स्कूल से बाहर निकाल दूंगा | 

यह सुनते ही दोनों दौड़ लगाकर  जाते हैं और कक्षा से  बैग ले आते हैं  दोनों को अपनी योजना सफल  होती दिखाई पड़ती है
घंटी के बजते ही दोनों साईकिल स्टैंड  पर पहुंच जाते हैं | 10 मिनट बाद स्कूल के पीछे वाले गेट पर जहां गार्ड दोनों का  इंतजार कर रहा होता है वंहा पहुँच जाते है | 

गार्ड रोहित को देखकर बोलता है ::  तुम कहां जा रहे हो मां तो अमन की बीमार है ???

रोहित और अमन एक दूसरे को देखते हैं, क्योंकि योजना  रोहित ने सिर्फ अपने लिए बनाई थी इसलिए अब उसके पास इस प्रश्न का कोई जवाब नहीं था
रोहित को कुछ सूझ नहीं रहा था क्या बोले

फिर अचानक ही रोहित के मुंह से निकल गया ::  दोनों मिलकर काम करेंगे तो मां को पूरा आराम मिलेगा | 

गार्ड को सोचते हुए ::  बात तो तुम्हारी भी सही है !!!
जाओ जाओ जल्दी जाओ इससे पहले कि कोई देख ले और मन लगाकर मां की सेवा करना | 

रोहित और अमन चेहरे पर मुस्कान लिए गेट से बाहर निकलते है |  दोनों तेजी से साइकल भगाते हुए स्कूल से कुछ दूर आकर अपनी साइकिल से रोकते हैं  और एक दूसरे को देख कर जोर जोर से हंसते हैं

अमन चिल्ला चिल्ला कर कहता है ::  रोहित यू आर ग्रेट 
रोहित  यू आर ग्रेट | 

फिर दोनों  अपनी साइकिल पर सवार हो अपनी मंजिल की तरफ निकल जाते हैं |||