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जिन्दगी एक डायरी

कोमल की शादी -1(Untold Story)

तुम्हारे रिश्ते के लिए हमने एक लड़का पसंद किया है।
अचानक अपनी मां की बात सुन कोमल चोंक सी गयी। 

मां पर मैंने कहा था न कि मुझे अभी शादी नहीं करनी है कम से कम एक साल तो और नहीं कोमल ने झुंझलाते हुए कहा।

बेटा, तुम्हारे पापा को ये लड़का काफी पसंद आया है और तो और बहुत बड़ी कंपनी में एक अच्छे पोस्ट पर है
कोमल की मां ने लड़के की तारीफ करते हुए कहां

पर बात तो ये है न कि मुझे शादी करनी ही नहीं है कोमल ने फिर झुंझला कर कहा।

क्यों नहीं करनी है शादी? तुम्हारी पढ़ाई-लिखाई से लेकर जॉब करने तक हमने कभी तुम्हे नहीं रोका। अब शादी की बारी आई है तो तुम्हें हमारी बात सुननी पड़ेगी कोमल की मां ने कहा।

कितना अजीब है ना मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ने-लिखने जॉब करने की छूट तो दे देते हैं पर शादी जैसे मामलों में अपनी ही चलाते हैं कोमल ने गुस्से में कहा।

तो हमने कब तुमसे तुम्हारी पसंद नहीं पूछी? कोई पसंद है तो बता दो कितनी बार कहा पर तुमने कुछ बोला नहीं तो हमने अपनी पसंद का लड़का ढूंढ लिया। 

अपनी की बात सुन कोमल चुप हो गयी।

जब उसकी ज़िन्दगी में कोई था तो कभी बता नहीं पाई तो आज कैसे बताती जब वो शख्स उससे दूर हो चुका था। मन में अजीब उधेड़बुन लिए कोमल अपने कमरे में चली आयी।

अपने मोबाइल पर वो समीर की तस्वीर निहारने लगी। तीन महीने बीत गए थे ना उसने समीर से कोई बात की थी और ना ही समीर ने उसे कोई कॉल या मैसेज किया था।

समीर और कोमल तीन साल पहले मिले थे। दोनों की शुरुआत एक हीं कॉलेज में हुई थी। एक साथ पढ़ाई करते-करते दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार। 

समीर को बैंगलोर में अच्छे पोस्ट पर जॉब मिल गयी। उसे दिल्ली छोड़कर बैंगलोर शिफ्ट होना पड़ा।

कोमल और समीर के बीच शहरों की दूरी तो आ गयी थी पर उन्होंने अपने प्यार में कोई दूरी नहीं आने दी। शुरुआती महीनों में समीर किसी न किसी मीटिंग के बहाने दिल्ली आता और कोमल से भी मिलता।
 
धीरे-धीरे समीर अपने जॉब में ज्यादा व्यस्त रहने लगा। उसे जल्द प्रमोशन पाने की धुन सवार हो गयी थी। दिनभर की चैटिंग कम हो गयी थी और देर रात की कॉल कम से और कम।