कोमल की शादी
कोमल की शादी -1
कोमल एक मनमौजी, अपने आप में रहने वाली लड़की। बचपन से ही कम लोगो के साथ घुला मिला करती थी। पढ़ाई में तेज, सरल और सामान्य। हमेशा से चाहती थी कि, जिस से प्यार करे उसी से शादी करे। शायद प्यार में धोखा खाने की हिम्मत नही थी।
बचपन से ही माता-पिता की बात सुनती आयी। इस वजह से स्कूल तो पढ़ाई में निकल गया। फिर कॉलेज, वहां कभी खुद को किसी से जुड़ा हुआ महंसुस ही नही किया।
युवावस्था में आते आते माँ ने कोमल को कह दिया था कि, तुम्हारे पापा और मैं चाहते है कि तुम्हारी शादी हमारी बिरादरी में ही हो क्योकि शादी दो लोगो का नही दो परिवारों का मिलन है और फिर रीति रिवाज भी एक से हो जाते है।
कोमल तो वैसे भी प्यार से कोसो दूर थी और ठहरी आज्ञाकारी, तो उसने भी मन बना लिया कि वो वही करेगी जिसमे सबकी खुशी हो। उसने भी माँ से कह दिया कि आखरी पसन्द उसी की होगी।
अब स्कूल हो गया फिर यूनिवर्सिटी और काफी दिनों बाद उसे एक अच्छी जॉब भी मिल गयी।
