दूसरा पन्ना
वो धोखेबाज थी (मच्छर)
आज दिनांक 07/10/2020
लगभग 8:30 PM होने को थे और मैं मीठी-मीठी नींद के साथ मधुर संगीत के मजे ले रहा था।
इतने में उसने मुझे अपने संगीत के धोखे में मेरा शरीर का खून चूस लिया और मेरी नींद टूट गई उस मच्छर को देख कर मुझे उतना ग़ुस्सा नहीं आया जितना दर्द उसके धोखे देने से मेरी आत्मा को जकड़न से हो रहीं थी।
इससे पहले मैं उससे कुछ सवाल पूछ पाता मैंने उस धोखेबाज़ के आँखों में देखा उसके आँखों में धोखे के अनगिनत कहानी दिख रहीं थीं,मैंने फ़िर से उससे सवाल किया, क्यों?ऐसे क्यों करती हो??क्या मिलता हैं तुम्हें ऐसे धोखे देकर, पहले तो नींद में आकर मधुर स्वर, मधुर संगीत सुनाती हो,फ़िर मुझे गहरी नींद में पाकर मेरी पनाह का बेपनाह इस्तेमाल करती हो, क्या ऐसे करने से तुम्हरी ज़िंदगी आसानी से गुज़ार कर लेती है,तुम्हे थोड़ा भी अंदाज़ा हैं तुम्हारे इस धोखे से दिल को कितनी तड़प महसूस होती हैं, तुम रोज़ मेरी रात बर्बाद कर चली जाती हो,नींद, चैन सब तबाह कर चली जाती हो, क्या मिलता हैं ऐसे धोखे देने से ??
जब भी नींद के सफ़र में किसी खूबसूरत सपनों में खोया रहता हूँ ठीक उसी समय तुम मधूर सँगीत की गुणगान किए रोज़ ज़ख़्म देकर चली जाती हो, देख मेरे जिस्म को ,इसमें ना जानें कितने ज़ख़्म हैं जो तेरे धोखे की कहानी सुनाते हैं, इन ज़ख़्मों ने ना जाने कितनी हसीन रात, मेरा चैन तबाह कर दिया।
क्यों करती हैं ऐसा तूं ?? बता ना...
तूं अपने पल भर के मज़े के लिए किसी की रात, किसी की ज़िंदगी क्यों ऐसे बर्बाद करती हो??
मुझे पता है तूने मेरे जैसे कितनों को धोखा दिया है,औऱ मुझे तेरे धोखे से ज्यादा इस बात से दिल तड़प उठता हैं कि इतने धोखे देने के बावजूद भी तूं अपनी ये घिनौनी हरकत नहीं छोड़ती।।मैं तेरी ज़िन्दगी को 2 मिनट के अंदर तबाह कर सकता हूं इससे पहले मैं कुछ कर बैठूं निकल ले नही तो यहीं जान से मार दूंगा,,
इतना सुनने के बाद मच्छर रोने लगीं औऱ बोली तुम ऐसे किसी के चरित्र पर कुछ भी नही बोल सकते, हमारी इज़्ज़त करना सीख
औऱ हां तुम होते कौन हो मेरे matter में बोलने वाले मेरे मां भाई ने आज तक मुझे डांटने की हिम्मत नहीं की और तुम जब देखो किसी की भी बात सुन कुछ भी बोल देते हों
तुम्हें मेरे से इतना ही problem हैं तो आज के बाद शक्ल मत दिखाना अपनी।।ग़लती मेरी हैं कि मैं तेरे पास आई.....
थोड़ी देर बाद उस मछर ने बोला कि आज के बाद फ़िर मेरे बारे में कुछ मत बोलना औऱ कभी धमकी मत देना।।मुझे आज समझ आया कि मेरा भाई और मेरे दोस्त बोलते थे कि इन पागलो को नही जानती इनसे दूर ही रहा कर आज समझ आया कितनी बड़ी ग़लती की मैंने।।।
इतना कुछ बोलने के बाद,वो अपनी पँख फरफराते हुई चल दी,
उसके बाद से मुझे हर रात उस बेवफा मच्छर की मधुर संगीत का स्वर याद आता है,बहुत बार उससे ढूंढने की कोशिश की पर कभी वो धोखेबाज़ मच्छर मिली नहीं।।
मेरे ज़ख़्म पहले से कम है पर वो दाग अभी तक हर रात मुझे उसकी याद दिलाती हैं औऱ मेरी ये हसीन रात फिर से अधूरी ही रह जाती है
अगर आप लोगों में से कोई उस मच्छर का पता जानता हो या उस मच्छर से कभी मुलाकात हो तो उसे बताना...
ऐसे दूसरों की नींद तबाह ना किया करें अपने मधुर स्वर के अंदाज का सही उपयोग करें।
उसे बताना कि कोई है जिसे अब उसके धोखे की आदत हो गयी, जब से उसके दिए ज़ख़्म भरने लगी हैं ये हसीन रात ,
उस बेवफा से मधुर आवाज़ की आदत सी हो गयी है।
उसके धोखे में भी एक अजीब सा नशा सा
मेरी हसीन रात आज भी अधूरी रह गयी है।
क्योंकि उसके ज़ख़्म अब फिर से उभरने लगें है।
अग़र आपको वो मिलें तो उसे ज़रुर बताना ये जरूरी नहीं वो किसी और की ज़िंदगी से खेलें।
गर मेरी ज़िंदगी से खुशियां छीन कर वो खुश है तो मैं हजार बार उसके धोखे को बर्दाश्त कर सकता हूं बशर्ते वो पहले से हजारवें धोखे को बर्दाश्त करने वाला दिल सिर्फ मेरा हों।
