दूसरा पन्ना
मोनिका की दहशत
मोनिका ने अलमारी खोली तो बुरी तरह से काँप उठी। अंदर एक बड़ा सा चूहा था जो उसे देख छलाँग मारता हुआ भाग गया। मोनिका उसके कूदते ही ज़ोर से चिल्लाई:
"इईईई!!!!!"
पर कमरें में कोई नही था जो उस समय मोनिका की चीख सुन सकें। मगर शायद उस चूहे पर इस बात का असर हुआ। वह यूँ भागा उस कमरे से कि बाद मे कभी दिखा भी नही।
इसी घटना के बाद चूहों मे एक बड़ी डरावनी अफवाह फैल गई कि कमरा नंबर 57 में एक बड़ी ही डरावनी चुड़ैल रहती है। जिसकी चीख इतनी खतरनाक है कि मूसी चूहे ने जब वह दिल दहला देने वाली चीख सुनी, तो अपने बिल मे आते ही वह बीमार पड़ गया और कुछ ही दिन मे मर गया।
अब सभी उस कमरे की तरफ जाने से कतराने लगे। चुहिया अपने बच्चो को वहाँ जाने से सख़्त मना करती थी। उन्हें डराने के लिए कहती:
"जो बच्चा ठीक से खायेगा नही, उसे वो चुड़ैल उठा ले जाएँगी।"
बड़ों मे भी इसका खौफ़ था। कुछ चूहों की जमघट थी, उनमें से एक बोला:
"यार ये सच बात है, उस कमरे में चुड़ैल है। ये जैरी चूहा गया था कुछ दिन पहले। जानते हो न कितना जिगरबाज़ था वह? अकेले ही टॉम बिल्ले और स्पाइक बुलडॉग से भीड़ जाता था।
उस दिन अपनी हिम्मत का नमूना दिखाने के लिए वह भी घुसा था उस श्रापित कमरे में, और अगले दिन अधमरी हालत मे बाहर निकला। तब से अब तक कोमा मे है बेचारा।"
दूसरा चूहा हकलाते हुए बोला:
"अरे इसी वजह से मैं उस जगह के पास कभी भटकता भी नही। बचपन से ही मेरे को वो जगह मनहूस लगती थी। कोई पागल ही उधर मरने को जाएँगा।'
यह घटना इतनी प्रसिद्ध हुई कि चूहों ने इस पर हॉरर फिल्म भी बना डाली, जो बेहद हिट हुई। उसकी कई सिक्वल्स भी आई।
जैरी की भी जल्द ही मृत्यु हो गई। डॉक्टर ने उसकी मौत को असामान्य और विचित्र बताया, जिसने चूहों मे खौफ़ फैला दिया कि यह पारलौकिक शक्ति का काम था। वह इस बात से अंजान थे कि यह एक नए ज़हर का कमाल था, जिसकी जानकारी चूहों को बिल्कुल नही थी।
उस दिन के बाद से कमरा नंबर 57 और उसके आसपास के कमरों से चूहों का आतंक खत्म हो गया।
जबकि मोनिका को लगा कि यह कमाल था उसके चूहे के जाल का। अब जब भी उसकी सहेलियों को चूहे की परेशानी होती, तो वह उसी जाल की तारीफ करती, इस बात से अंजान की असल कमाल तो उसकी चीख का था।
